समय यात्रा

हैलो! दोस्तों मेरा नाम राघवेंद्र है औऱ आप पढ़ रहे हैं “Mysterious universe”.

हम सब अपने जीवन में कई गलतियां करते हैं तथा लगभग हर व्यक्ति के मन में विचार आता है कि काश मैं उस गलती को सुधार पाता। ऐसा करने के लिए आपको अपने भूतकाल में जाना होगा। कई लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनका भविष्य कैसा होगा? तथा हमारे मन में विचार आता है की काश हम भविष्य जान सकते या भविष्य में जाकर होने वाली घटनाओं को पहले देख सकते तथा अपने भविष्य का सुनहरा निर्माण कर सकते।

भारत में ऐसे कई महात्मा हैं जो भूतकाल में जाने तथा भविष्य को जानने का दावा करते हैं। यहां तक कि आपने हॉलीबुड की कई साइन्स फ़िक्सन फिल्मों में लोगो को समय यात्रा यानी भूतकाल या भविष्यकाल की यात्रा करते देखा होगा।

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समय यात्रा क्या है?

अभी हम सब वर्तमान में जी रहे हैं यदि हम अपने भूत काल यानी जो समय बीत चुका है उसमें जाते हैं उदाहरण के लिए अगर आपकी शादी 5 साल पहले हो चुकी है तो आपका समय में 5 साल पीछे जाकर उस शादी में सम्मिलित होना भूतकाल की समय यात्रा कहलाएगी। ठीक इसी प्रकार अगर आपकी शादी 5 साल बाद होनी है परंतु आप अभी समय में 5 साल आगे जाकर अपनी शादी में सम्मिलित होते हो ये भविष्यकाल की समय यात्रा कहलाएगी।

उदाहरण—

जब भी हम कोई वीडियो देखते हैं तो वो समय के साथ आगे बढ़ता जाता है ऐसे ही हमारा जीवन भी समय के साथ आगे बढ़ रहा है। परंतु हम वीडियो को आगे या पीछे करके भी देख सकते हैं इसी प्रकार हमारे द्वारा समय में आगे या पीछे जाना समय यात्रा कहलाता है।

समय यात्रा के बारे में वैज्ञानिकों के मत

समय यात्रा की अवधारणा को लेकर सभी वैज्ञानिक एक मत नहीं थे कुछ का मानना था की समय यात्रा की अवधारणा एक मिथ्य कहानी मात्र है तो कुछ वैज्ञानिकों का मानना था कि समय यात्रा सम्भव है तथा भविष्य में मनुष्य विज्ञान औऱ तकनीकी क्षेत्र में इतना विकास कर लेगा की हम आसानी से भूतकाल औऱ भविष्यकाल में आ जा सकेंगे।

1.न्यूटन के विचार

सर आइज़क न्यूटन का नाम इतिहास के महान वैज्ञानिकों में आता है न्यूटन ने ही गति के नियम तथा गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को प्रतिपादित किया। न्यूटन के अनुसार पूरे ब्रह्माण्ड में समय एक गति से चल रहा है। न्यूटन का मानना था कि समय एक तीर की तरह है जिस तरह तीर के एक बार छूट जाने पर उसे वापस नहीं लौटाया जा सकता उसी प्रकार समय के बीत जाने पर उस समय में वापस नहीं जाया जा सकता। अर्थात सर आइज़क न्यूटन के अनुसार समय यात्रा महज एक कल्पना मात्र है।

2.अल्बर्ट आइंस्टीन के विचार

महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने जब सापेक्षतावाद के सिद्धांत को प्रतिपादित किया तो समय यात्रा की अभिधारणा को बहुत बल मिला क्योंकि इससे पहले लोगों का मानना था कि समय पूरे ब्रह्माण्ड में एक निश्चित गति से चल रहा है परंतु अल्बर्ट आइंस्टीन ने इस अभिधारणा को गलत सावित किया तथा बताया कि जिस तरह नदी में जल के प्रवाह की दर अल्फ-अलग होती है उसी प्रकार ब्रह्माण्ड में समय के प्रवाह की दर भी अलग-अलग है। अल्बर्ट आइंस्टीन के अनुसार समय यात्रा की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

3.निकोला टेस्ला के विचार

मैंने भूतकाल, भविष्यकाल, तथा वर्तमान तीनों को एक साथ देखा है ये विचार थे महान इन्वेंटर, इंजीनियर निकोला टेस्ला के। इन विचारों से लगता है कि निकोला टेस्ला भी समय यात्रा की संभावना पर विश्वास करते थे। इस बात का कोई प्रमाण तो नहीं है परंतु लोगों का मानना है कि निकोला टेस्ला ने टाइम मशीन पर काम किया था। निकोला टेस्ला एक रहस्यमय इंसान रहे हैं जिस कारण उनके द्वारा किये गए कुछ अविष्कारों का आज तक पता नहीं लग पाया है जिन्हें लॉस्ट इन्वेंशन की श्रेणी में रखा जाता है।

4.स्टीफन हॉकिंग के विचार

ब्लैक होल तथा बिग-बैंग सिद्धान्त को समझाने वाले इक्कीसवीं सदी के महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का पहले मानना था कि समय यात्रा एक कल्पना मात्र है परंतु भौतिक शास्त्र में होते विकास को देखकर स्टीफन हॉकिंग के विचार बदल गए तथा उन्होंने स्वीकार किया कि समय यात्रा संभव है तथा समय यात्रा के तरीकों को भी बताया। स्टीफन हॉकिंग का मानना है कि मनुष्य आने वाले कुछ सालों में शायद समय यात्रा करने में सक्षम होगा।

समय यात्रा की संभावना को जन्म वाले तरीके।

समय यात्रा हमेशा से ही मनुष्य के लिए एक रहस्यमय विषय रहा है तथा समय यात्रा के इस रहस्य को सुलझाने के लिए कई वैज्ञानिकों तथा भौतिक शास्त्रियों ने प्रयत्न किए तथा समय यात्रा को संभव बनाने के लिए अपने-अपने सिद्धान्त तथा विचार दिए।

1.ब्लॉक होल के द्वारा

ब्लैक होल ऐसे खगोलीय पिण्ड होते हैं जिनका घनत्व तथा गुरुत्वाकर्षण बल इतना अधिक होता है कि ये प्रकाश की किरणों को भी आकर्षित करके खुद में समाहित कर लेते हैं। यानी ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल बहुत अधिक होता है तथा इसी गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समय धीमा होता है इसे समझने के लिए पहले हमें स्पेस-टाइम को समझना होगा।

स्पेस-टाइम

अगर सरल भाषा में कहा जाए तो पूरा ब्रह्माण्ड ही स्पेस है इस स्पेस में तीन आयाम होते हैं जिन्हें हम लम्बाई, चौड़ाई तथा ऊँचाई कहते हैं हम हर भौतिक वस्तु को इन्ही तीन आयामों में परिभाषित करते हैं। टाइम को समझाना तो सम्भव नहीं परन्तु वैज्ञानिक टाइम को चौथा आयाम मानते हैं तथा इन चारों आयामों के मिलने से बनता है स्पेस-टाइम। अर्थात आपको किसी भी इवेंट के लिए टाइम और स्पेस दोनों की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए आपकी मित्रता फ़ेसबुक पर किसी व्यक्ति से हो जाती है अब आप उससे मिलने चाहते हैं तो आपको दोनों ही चीजें बतानी होंगी स्पेस और टाइम जिसमें जगह आपके लिए स्पेस तथा समय टाइम है। अगर आप केवल जगह यानी स्पेस बताते हैं तो आप उस व्यक्ति से नहीं मिल सकते । क्योकि पता नहीं वो उस स्थान पर कब आये औऱ आप कब। और अगर आप केवल समय यानी टाइम बताते हैं तब भी आप उस व्यक्ति से नहीं मिल सकते क्योंकि तब पता नहीं वो व्यक्ति कहा जायेगा। इस उदाहरण से स्पष्ट है कि स्पेस टाइम आपस में संबंधित हैं।

स्पेस-टाइम पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव

ऐसे एक उदाहरण द्वारा समझते हैं हम एक चादर लेते हैं जिसे एक कमरे के चारों कोनों में लगी खूंटियों से बांध देते हैं अब चादर पर एक गेंद डालते हैं तो गेंद के आस-पास का स्थान विकृत हो जाता है ब्रह्माण्ड में स्पेस-टाइम भी एक ऐसे ही चादर के समान है तथा खगोलीय पिण्ड उस गेंद के समान। गेंद का द्रव्यमान जितना अधिक होगा चादर उतनी ज्यादा विकृत होती है उसी प्रकार खगोलीय पिण्ड का द्रव्यमान “जिसके कारण गुरुत्वाकर्षण बल बनता है” यानी गुरुत्वाकर्षण बल जितना अधिक होगा स्पेस टाइम उतना विकृत होगा। और विकृत स्पेस-टाइम के कारण समय की गति प्रभावित होती है।

ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल अधिक होने के कारण ब्लॉक होल के आस-पास का समय बहुत धीमा होता है अगर हम किसी अंतरिक्ष यान में बैठकर ब्लॉक होल के आस-पास 1 दिन तक चक्कर लगाए और फिर वापस अपने ग्रह पृथ्वी पर आकर देखें तो यहाँ कई साल बीत चुके होंगे। आपके मित्र बूढ़े हो चुके होंगे जबकि आपके लिए एक दिन ही बीता होगा। यानी हम अपने भविष्य में पहुंच चुके होंगे तथा अपने भविष्य की समय यात्रा कर रहे होंगे।

समस्या

ब्लैक होल के द्वारा समय यात्रा करने में सबसे बड़ी समस्या यह है कि ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल इतना अधिक होता है कि जिससे प्रकाश की किरण तक खिंचकर ब्लैक होल में समा जाती है तो हमारा अंतरिक्ष यान भी भी ब्लैक होल में समा जाएगा। इस समस्या का एक उपाय है एन्टी ग्रैविटी अंतरिक्ष यान , यानी ऐसा अंतरिक्ष यान बनाया जाए जिस पर गुरुत्वाकर्षण बल का कोई प्रभाव न पड़े। इससे अंतरिक्ष यान आसानी से ब्लैक होल के आसपास चक्कर लगा सकेगा।

2.वार्म होल के द्वारा

सन 1935 ई. में अल्बर्ट आइंस्टीन तथा नाथन रोजन ने मिलकर सामान्य सापेक्षतावाद के सिद्धांत के आधार पर गणितीय रूप में ये सिद्ध किया कि इस ब्रह्माण्ड में उपस्थित किन्ही दो बिंदुओं के बीच शार्ट कट रास्ता सम्भव है जो स्पेस और टाइम दोनों को कम कर देता है इस शॉर्ट कट रास्ते को ही वार्म होल कहते हैं। स्पेस तीन आयामों से मिलकर बना होता है तथा चौथा आयाम होता है टाइम , स्पेस के तीनों आयामों में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं उदाहरण के लिए कोई भी समतल चीज है जैसे आपकी मोबाइल स्क्रीन ,इसमें भी बहुत छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जो परमाणुओं से भी लाखों गुना छोटे होते हैं। इन्ही तीनों आयामों की तरह चौथे आयाम समय में भी छिद्र होते हैं । जो समय यात्रा की कल्पना को संभव बना सकते हैं।

अगर हम किसी वार्म होल में प्रवेश कर जाए तो संभव है कि हम लाखों साल भविष्य में आगे या लाखों साल भूतकाल में पीछे पहुँच जाएं। चूंकि ये छिद्र स्पेस-टाइम में होते हैं तो ये भी सम्भव है कि हम ब्रह्माण्ड में लाखों प्रकाश वर्षों दूर किसी और ग्रह पर पहुँच जाएं। इस स्थिति में जब हम अपने ग्रह पर वार्म होल के द्वारा वापस लौटेंगे तो हम खुद को भूतकाल या भविष्यकाल में पाएंगे क्योंकि वार्म होल का प्रभाव समय पर भी पड़ेगा। तो इस प्रकार हम वार्म होल के द्वारा समय यात्रा कर सकते हैं।

समस्या

वार्म होल के द्वारा समय यात्रा कर पाने में सबसे बड़ी समस्या ये है कि ये परमाणुओं से भी लाखों गुना छोटे होते हैं तथा अस्थायी होते हैं अर्थात बनते मिटते रहते हैं। वार्म होल के द्वारा समय यात्रा करने के लिए हमें वार्म होल के आकार को इतना बड़ा करना होगा जिससे इसमें मनुष्य या अंतरिक्ष यान प्रवेश कर सके तथा इन्हें स्थाई बनाना होगा। वैज्ञानिक ऐसी मशीन बनाने में लगे हैं जो वार्म होल के आकार को बड़ा देगी।

3.मल्टिवर्स सिद्धांत के द्वारा

मल्टिवर्स सिद्धान्त के अनुसार हमारे ब्रह्माण्ड की तरह कई ब्रह्माण्ड मौजूद हैं जिनमें जिसमें हमारे सौरमण्डल, हमारे ग्रह तथा हमारे प्रतिरूप तक मौजूद हैं। तथा इन ब्रह्माण्डों में वो हर घटना घट रही है जिसकी सम्भावना थी। उदाहरण के लिए अगर आपको बचपन में क्रिकेट पसंद था औऱ आप क्रिकेटर बन सकते थे परंतु आपने पढ़ाई को चुना और इंजीनियर बने तो ये भी सम्भव है कि किसी ब्रह्माण्ड में आपने क्रिकेट को चुना होगा औऱ आप वहाँ एक क्रिकेटर हो। वैज्ञानिकों के अनुसार इन ब्रह्माण्डों के समय में अन्तर हो सकता है । हो सकता है किसी ब्रह्माण्ड में अभी आप बच्चे हो तो किसी में आप बूढ़े हो चुके होंगे। तो अगर आप अभी जवान हो और उस समाननन्तर ब्रह्माण्ड में जाते हो जहाँ आप अभी जवान हो तो आप एक रूप से अपने भूतकाल की समय यात्रा कर रहे होंगे तथा आप वहां पर अपने प्रतिरूप से भी मिल सकोगे। और अगर आप ऐसे समाननन्तर ब्रह्माण्ड में जाते हैं जहाँ की आप बूढ़े हो चुके हैं तो आप अपने भविष्य की समय यात्रा कर रहे होंगे।

समस्या

इस सिद्धान्त द्वारा समय यात्रा करने में सबसे बड़ी समस्या यह है की अगर कहीं समानान्तर ब्रह्माण्ड मौजूद भी होंगे तो ये हमसे इतनी दूर मौजूद हैं जहाँ से प्रकाश भी हम तक नहीं पहुंच सकता तो हम इन ब्रह्माण्डों में कैसे जा सकते हैं इन ब्रह्माण्डों में वार्म होल के द्वारा जाना सम्भव हो सकता है।

4.प्रकाश की गति द्वारा

जब भी कोई वस्तु प्रकाश की गति से यात्रा करती है तो उसके लिए समय धीमा हो जाता हैं आइये इसे टाइम डाईलेसन के द्वारा समझते हैं।

टाइम डाईलेसन

इस सिद्धांत के अनुसार ब्रह्माण्ड में हर वस्तु एक निश्चित पाथ पर आगे बढ़ रही होती है जिसे ट्राजेक्टरी कहते हैं। तो अगर वो वस्तु अपने ट्राजेक्टरी पर जितनी तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी , उस वस्तु के लिए समय भी उतना ही धीमा होता जाएगा।

अगर हम कोई ऐसा अंतरिक्ष यान बना ले जो प्रकाश की गति से चलने में सक्षम हो तथा उसमें बैठकर 10 साल तक अंतरिक्ष की यात्रा करते हो तथा बापस पृथ्वी पर आते हो तो आप पाओगे की पृथ्वी पर 24 या इससे अधिक साल बीत चुके होंगे जबकि आपने केबल 10 साल महसूस किए इसका मतलब आप अपने भविष्य की यात्रा कर रहे होंगे।

समस्या

इस प्रकार समय यात्रा को को संभव बनाने में सबसे बड़ी समस्या है प्रकाश के बराबर गति, आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार कोई भी वस्तु प्रकाश के गति के बराबर गति प्राप्त नहीं कर सकती।

5.टिपलर सिलेंडर द्वारा

वैज्ञानिकों के अनुसार स्पेस तथा टाइम के बीच में असीमित लम्बाई की घूमती हुई सुरंग मौजूद हैं जो सूर्य के द्रव्यमान से 10 गुना है।

अमेरिकी भौतिक शास्त्री फ्रैंक टिपलर के अनुसार अगर हम एक अनंत लम्बाई का सिलेंडर ले जो स्पेस में बहुत तेजी से घूम रहा हो। तथा हम अंतरिक्ष यान में बैठकर कुछ दिन ही इसका चक्कर लगाए तथा बापस अपने ग्रह पर आए तो यहाँ कई साल बीत चुके होंगे अर्थात हम भविष्य की यात्रा कर रहे होंगे।

समस्या

टिपलर सिलेंडर द्वारा समय यात्रा करने में सबसे बड़ी समस्या है अनंत लम्बाई का सिलेंडर बनाना। जो कि हम मनुष्यों के लिए लगभग असंभव है।

विरोधाभास

समय यात्रा एक ऐसा विषय है जिसको लेकर वैज्ञानिकों में हमेसा से विवाद रहे हैं वे वैज्ञानिक जो समय यात्रा की संभावना को नकारते हैं उनके द्वारा दिये गए कुछ तर्क हैं जिनसे लगता है कि समय यात्रा असम्भ है।

1.द ग्रैंडफादर पैराडॉक्स

इस विरोधाभास के अनुसार आप अपने भूत कल में जाकर कोई ऐसा काम कर देते हैं जिससे आपके द्वारा समय यात्रा असंभव हो जाती है उदाहरण के लिए अगर आप भूतकाल में 80 साल पीछे जाकर अपने पिता का पैदा होने से पहले ही अपने दादा जी का कत्ल कर देते हैं तब आपके पिता का कोई अस्तित्व ही नहीं रहा तो आपका अस्तित्व तो बिल्कुल भी नहीं है और अगर आपका अस्तित्व ही नहीं है फिर आपने समय यात्रा कर अपने दादा जी का कत्ल कैसे किया, इस विरोधाभास से लगता है कि मनुष्य का भूतकाल में यात्रा करना सायद असम्भव है।

2.द हिटलर पैराडॉक्स

इस विरोधभास के अनुसार आप अपने भूतकाल में जाकर कोई ऐसा काम कर देते हैं जिससे आपका समय यात्रा का उददेश्य ही नष्ट हो जाता है उदाहरण के लिए अगर आप भूतकाल में जाकर हिटलर को मर देते हैं जिससे (क्योंकि आप चाहते हैं कि द्वतीय विश्व युद्ध न हो) जिससे द्वतीय विश्व युद्ध हुआ ही नहीं फिर आपने भूतकाल में जाकर हिटलर की हत्या क्यों की।

3.प्रेडेस्टिनेशन पैराडॉक्स

इस विरोधाभास के अनुसार आप भविष्य को बदलने की कोशश में उसी भविष्य को बनाते हैं जो आपको पता चला, उदाहरण के लिए आज आपकी स्विमिंग की पहली क्लास है और आपको पता लगता है कि आपकी मृत्यु दो साल बाद पानी में डूबने से होगी। आप अपने भविष्य को बदलने के लिए , स्विमिंग नहीं सीखते और कभी पानी में नहीं जाते 2 साल बाद जब आप कहीं जा रहे होते हो तो आपकी गाड़ी ऐसी नदी में गिर जाती है जिसमें बहुत कम पानी था कोई भी तैरने वाला आसानी से निकल आता परंतु आपने कभी तैरना सीखा ही नहीं इसीलिए आपकी मृत्यु हो जाती है। तो आपने अपने पहले से तय भविष्य को बदलने के लिए प्रयत्न किया था या उसे सच साबित करने के लिए।

4.द बुटस्ट्राप पैराडॉक्स

इस विरोधाभास के अनुसार भविष्य काल में होने वाली घटना भूतकाल का कारण बनती है और वही भूतकाल की घटना उसी भविष्य काल की घटना का कारण बनती है तो आखिर किस घटना के कारण कोन सी घटना घटी। उदाहरण के लिए आपकी किसी ने पिटाई कर दी , आपने भूतकाल में जाकर उसकी पिटाई कर दी ,फिर आपको पता चलता है कि उसने आपकी पिटाई इसीलिए की थी क्योंकि भूतकाल में आपने उसकी पिटाई की। तो किसने पहले किसकी पिटाई की।

5.द बटर फ्लाई पैराडॉक्स

इस विरोधाभास के अनुसार अगर आप अपने भूतकाल में जाकर वापस आते हैं तो आपका वर्तमान बिल्कुल बदल चुका होगा , उदाहरण के लिए आप भूतकाल में गए न्यूटन को देखने पेड़ के पास जहां तितली बैठी हुई थी जो आपके वहां जाने के कारण उड़ गई और न्यूटन के हाथ पर बैठ गई जिससे न्यूटन का ध्यान तितली पर चला गया और सेव गिर भी गया न्यूटन को कुछ पता नहीं चला। इस प्रकार गुरुत्वार्षण की खोज भी नहीं हुई , चूकी समय यात्रा गुरुत्वार्षण से भी संबंधित है तो मैंने ये पोस्ट भी नहीं लिखी होती और आप इसे बढ़ भी नहीं रहे होते यानी इस समय कोई और काम कर रहे होते इस प्रकार आपका वर्तमान पूरी तरह बदल जाता।

समय यात्रा की कुछ घटनाएं

1.हॉकिंग नौथगुइस्ट का अनुभव

इस व्यक्ति का दावा है कि वह अपने भविष्य में जा चुका है और भविष्य में खुद से भी मिल चुका है और इस बात का इसके पास सबूत भी है। ये व्यक्ति बताता है कि 6 अगस्त 2006 में जब उनकी किचन के सिंक से पानी बह रहा था तो वे उसे ठीक करने किचन में बनी टनल में गए तभी उन्हें रौशनी दिखाई दी जिसकी ओर बड़ने पर वह भविष्य की दुनिया में पहुंच गए उन्हें पता था कि उनकी बात पर कोई विश्वास नहीं करेगा इसीलिए उन्होंने एक वीडियो भी बनाया जिसमें वह अपने भविष्य के हॉकिंग के साथ है।

2.बॉक्सिंग मैच

सन 1995 के एक बॉक्सिंग मैच में जो पीटर मैक्नैली और माइक टायसन के बीच हो रहा था ,उस समय ली गई वीडियो में ये पाया गया कि कोई व्यक्ति उस मैच को स्मार्ट फोन में रिकॉर्ड कर रहा था परंतु हैरानी की बात तो यह है कि उस समय स्मार्ट फोन का अविष्कार तो हुआ ही नहीं था जबकि कैमरा फोन का भी अविष्कार 2000 में हुआ था, तो क्या वो व्यक्ति एक समय यात्री था जो भविष्य से आया था।

3.चार्ली चैपलिन की फिल्म

चार्ली चैपलिन की 1928 की फिल्म के एक दृश्य ने सबको हैरान कर दिया क्योंकि उस दृश्य में एक महिला फोन पर बात करती नजर आती है हैरानी की बात ये है कि महिला फोन पर बात कैसे कर सकती है क्योंकि उस समय तो फोन का अविष्कार ही नहीं हुआ था तो क्या वो एक समय यात्री थी, जो भविष्य से आई थी?

4.सर विक्टर का अनुभव

सन 1951 में विक्टर ने न्यूज पेपर में दावा किया कि वो भविष्य में समय यात्रा कर वापस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि 1935 में जब वो एडिनबर्ग से अपने प्लान को उड़ाते हुए अंडोब्र एयर बेस लौट रहे थे तो उन्होंने निश्चय किया कि वो डेम एयर बेस के ऊपर से उड़ते हुए जाएंगे ,ऊपर उड़ते हुए उन्होंने देखा कि एयर बेस पूरी तरह तबाह हो चुका था और वहां एक भी प्लेन नहीं था। तभी उन्होंने अपने सामने बादलों का एक तूफान देखा , वो तूफान के नजदीक आते जा रहे थे उस तूफान और तेज हवाओं के बीच उनका प्लेन कंट्रोल से बहार होने लगा , उन्होनें जैसे तैसे प्लेन को कंट्रोल किया और तूफ़ान से बहार निकले तो उन्होंने पाया कि वो एडिनबर्ग में बापस आ गए हैं जब वह फिर डेम एयर बेस पर पहुंचा तो इस बार नजारा बदल चुका था रन वे पूरा साफ था नीचे नए चार जहाज हैंगर के पास खड़े मिले ,उन्हें देखकर उन्होंने नोटिस किया कि इन चार जहाजो में से एक जहाज तो अभी तक खरीदा भी नहीं गया था। जितने भी प्लेन थे सभी पीले रंग के थे और पास में खड़े क्रू मेम्बर्स की यूनिफॉर्म का रंग नीला था जो उस वक्त एयर फोर्स की यूनिफॉर्म का रंग नहीं होता था। इसके बाद उन्होंने फिर उसी तूफान का सामना किया परंतु इस बार वो तैयार थे उन्होंने अपने प्लेन का कंट्रोल संभाला और अपनी यात्रा पूरी की । इस घटना के 4 साल बाद उस एयर बेस को फिर से रेनोवेट किया गया और प्लानों का रंग था पीला और क्रू मेम्बर्स की यूनिफॉर्म का रंग नीला रखा गया। इसका मतलब क्या विक्टर ने चार साल पहले ही इस समय की यात्रा कर ली थी।

5.रहस्यमय औरत

सन 1969 में एल्सी नामक एक व्यक्ति सुनसान हाईवे पर अपनी गाड़ी से जा रहा था उसने हाईवे पर एक पुराने जमाने की कार धीरे -2 चलती नजर आयी जब एल्सी ने उस कर की नंबर प्लेट को देखा तो उन्हें पता चला कि वह कार सन 1940 की है एल्सी को लगा कि उस कार वाले को सायद हेल्प की जरूरत है उसने कार को ओवरटेक किया और कार में देखा तो पता चला कि कोई औरत कार चला रही थी जो काफी डरी हुई थी , एल्सी ने पूछा क्या उस हेल्प चाहिए उसने सर हिलाते हुए हं कहा, एल्सी अपनी गाड़ी से उतरा तो देखा कि वो कार गायब हो चुकी थी। पीछे आने वाली गाड़ी भी वहां। गई और उसके एल्सी से पूछा कि को गाड़ी अचानक कैसे गायब हो गई। लोगो का मानना है या तो वो औरत भविष्य में आ गई थी या ये दोनों गाड़ी वाले भूतकाल में चले गए थे।

प्राचीन कहानियों में समय यात्रा की घटना

1.रेवती का विवाह

रेवती नाम का एक राजा अपनी पुत्री के लिए योग्य वर की सलाह के लिए ब्रह्म लोक ब्रह्मा के पास जाता है जहां दो गंधर्व गान प्रस्तुत कर रहे थे, रेवत ने गान समाप्त होने का इंतज़ार किया और गान समाप्त होने के पश्चात वरो के बारे में चर्चा की, ब्रह्मा ने बताया कि जो गान उन्हें कुछ समय का लगा वो प्रथ्वी के हिसाब से चार युग बीत चुके हैं और जिन वरों की वो चर्चा कर रहे हैं उनके नाती , पोते भी अब जिंदा नहीं है तब ब्रह्मा ने कहा कि प्रथ्वी पर शेष नाग के अवतार बलराम ने जन्म लिया है अपनी पुत्री की शादी बलराम से ही कर दो। तो क्या राजा रेवत ने अप्रत्यक्ष रूप से भविष्य की यात्रा नहीं की थी?

टाइम मशीन बनाने के प्रयास

1.क्रोनोवायाजर

वैज्ञानिकों का मानना है कि जो भी घटनाएं घटती है वो वातावरण में रिकॉर्ड हो जाती हैं और हम उन्हें किसी मशीन की मदद से देख और सुन सकते हैं।

फादर फ्रांसुआ ब्रूनो ने अपनी किताब ” द वेटिकनस न्यू मिस्ट्री” में बताया कि अर्नेटी ने नॉवेल पुरस्कार विजेता अंड्रिको फर्मी, वार्न हर वार्न ब्राउन और विश्व के 12 प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के साथ मिलकर क्रोनो वायासर बनाया था , अर्नटी ने दावा किया कि उन्होंने क्रोनो वायाजर से बहुत सी ऐतिहासिक घटनाओं को देखा ,जिसमें जीसस का क्रोनोफिकेस्न भी देखा और उनके फोटो भी लिए । ये मशीन भूतकाल के निकले हुए साउंड और इलेक्ट्रो मैगनेटिक रेडियेशन को रिसीव के उस डिकोड कर स्करीन पर इवेंट को शो करती थी। बताया जाता है 1994 में आर्नेटी ने इसके बचे हुए इन्वेंटरस को बुलाकर मशीन को नष्ट कर दिया था क्योंकि उनका मानना था कि ये मशीन मानव जाति के लिए विनाशकारी हो सकती है।

2. द नाजी वेल टाइम मशीन

हिटलर को एक महा नायक के रूप में जाना जाता है जिसने द्वतीय विश्व युद्ध करवाया । माना जाता है कि हिटलर भारतीय प्राचीन ग्रंथों से बहुत प्रभावित था और उसने एक टीम बना रखी थी जो भारतीय ग्रंथों का अध्यन करती थी। हिटलर ने कि प्रयोगसालाए बनवाईं थी जिनमें बहुत से प्रयोग चलते रहते थे।

माना जाता है कि हिटलर समय यात्रा में पूरा विश्वास करता था जिसके लिए उसने एक टाइम मशीन बनवाईं थी जो वेल के आकार की थी क्योंकि उसका ये अविष्कार भारतीय ग्रंथ पुराण शास्त्र में बताए गए विमानों पर आधारित था , इस मशीन का कोई ठोस प्रमाण तो नहीं है परन्तु को जगह और इस मशीन से जुड़े बहुत से दस्तावेज मिले हैं। कुछ लोगों का मानना है कि हिटलर ने आत्महत्या नहीं कि थी वह टाइम मशीन से किसी और समय या किसी और आयाम में चला गया है।

निष्कर्ष

समय यात्रा को लेकर लोगों के अपने-अपने अलग विचार हैं कुछ लोग समय यात्रा की संभावना को स्वीकार करते हैं तो कुछ लोग इसे बस एक कल्पना मात्र ही मानते हैं। परंतु अगर 40 साल पहले कोई आपसे कहता कि हजारों किलमीटर दूर बैठे-2 आपस में बात की जा सकती है या किसी छोटे से ताबे और प्लास्टिक के टुकड़े में हजारों वीडियो रखें जा सकते हैं तब भी आप शायद इसे एक कल्पना मात्र ही समझते परंतु आज ये सत्यता है आप मोबाइल से हजारों किलमीटर तक बैठे-2 बात कर सकते हैं और एक एस. डी. कार्ड में हज़ारों वीडियो सेव कर सकते हो।

आपको क्या लगता है क्या समय यात्रा करना सम्भव है ,क्या हम भविष्य में इस काबिल बन सकते हैं कि हम समय यात्रा कर सके, आपके क्या विचार हैं comment कर ज़रूर बताएं।

Thanks for reading our artical, I hope you will give me another chance to discuss new mystry.

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