मल्टिवर्स/ समानांतर ब्रह्माण्ड

हैलो! दोस्तों मेरा नाम राघवेन्द्र है और आप पढ़ रहे हैं “Mysterious universe”.

जब भी हम रात्रि में आसमान में देखते हैं तो हमें अनगिनत तारें नजर आते हैं जो हमारे ब्रह्माण्ड का एक अंश मात्र भाग है। इस विशाल ब्रह्माण्ड में के अनेकों ग्रहों पर जीवन सम्भव हो सकता है और जिस प्रकार मनुष्य का स्वरूप प्रथ्वी की भौगोलिक स्थितियों और जींस के कारण ऐसा है उसी प्रकार उन ग्रहों पर जीवन का स्वरूप उन ग्रहों की भौगोलिक स्थितियों और जींस पर निर्भर करता है क्या किसी ग्रह पर बिल्कुल हमारे ग्रह जैसा वातावरण सम्भव नहीं ? क्या किसी ग्रह पर बिल्कुल मनुष्य की तरह सभ्यता का वजूद सम्भव नहीं?

हम सब यानी मानव सभ्यता प्रथ्वी पर रहते हैं और हमारे प्रथ्वी हमारे सौरमंडल का एक ग्रह है ,हमारा सौरमंडल हमारी आकाश गंगा मिल्कीवे का एक छोटा सा भाग है , हमारी आकाशगंगा मिल्किवे लोकल ग्रुप ऑफ गैलक्सी का एक छोटा सा भाग है और लोकल ग्रुप ऑफ गैलक्सी, वर्गो सुपर क्लस्टर का एक छोटा सा भाग है और वर्गो सुपर क्लस्टर , लैनिके सुपर क्लस्टर का एक छोटा सा भाग है , और लैनिके सुपर क्लस्टर दृश्य ब्रह्माण्ड का एक अंश मात्र भाग है और दृश्य ब्रह्माण्ड पूरे ब्रह्माण्ड का केवल वो भाग है जहां से प्रकाश की किरणें हमारे ग्रह तक आ सकती है इससे हम ब्रह्माण्ड की विशालता का अनुभव कर सकते हैं। तो क्या यही पूरी सृष्टि है। वैज्ञानिकों की मानें तो नहीं। वैज्ञानिकों के अनुसार हमारे ब्रह्माण्ड की तरह अरबों ब्रह्माण्डो का अस्तित्व सम्भव है और यहीं से जन्म हुआ मल्टिवर्स या समानांतर ब्रह्माण्ड सिद्धांत का।

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मल्टिवर्स सिद्धांत क्या है?

मल्टीवर्स, जिसे एक सर्वव्यापी या मेटा-ब्रह्मांड के रूप में भी जाना जाता है, कई ब्रह्मांडों का एक काल्पनिक समूह है। साथ में, इन ब्रह्मांडों में वह सब कुछ शामिल है जो मौजूद है: अंतरिक्ष, समय, पदार्थ, ऊर्जा और भौतिक कानूनों और स्थिरांक की संपूर्णता जो उनका वर्णन करती है। मल्टीवर्स के भीतर विभिन्न ब्रह्मांडों को “समानांतर ब्रह्मांड”, “अन्य ब्रह्मांड” या “वैकल्पिक ब्रह्मांड” कहा जाता है।

मल्टिवर्स सिद्धांत का समर्थन करते पांच सिद्धांत

मल्टिवर्स अभिधारणा कल्पना मात्र नहीं है बल्कि मल्टिवर्स का सिद्धांत अनेक क्वांटम प्रयोगों और मैथमेटिकल कैलकुलेशन का परिणाम है। क्वांटम भौतिकी में काम करने वाले वैज्ञानिकों ने मल्टिवर्स की व्याख्या अपने – अपने अनुसार की है। भिन्न-भिन्न सिद्धांतों की व्याख्या और मैथमेटिकल कैलकुलेशन से ये पांच सिद्धांत निकलते हैं जो मल्टिवर्स सिद्धांत का समर्थन करते हैं।

1. Infinite universes

वैज्ञानिक space-time के आकार के बारे में एकमत नहीं हैं परंतु ज्यादातर वैज्ञानिक मानते हैं कि space-time का आकार फ्लैट है और जो अनंत तक फैला हुआ है। तो अनेक ब्रह्माण्ड होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि कभी न कभी प्रत्येक कॉन्फ़िगरेशन खुद को रिपीट करेगा। और अगर ऐसा है तो हमारी आकाशगंगा, हमारे सौर मण्डल , हमारे ग्रह यहां तक की हमारे प्रतिरूप भी रिपीट होते होगें और हमारा पूरा ब्रह्माण्ड भी रिपीट होगा और हमारे ब्रह्माण्ड जैस अनेकों ब्रह्माण्डो का वजूद सम्भव हो सकता है जिनमें हमारे प्रतिरूप अपने अलग – अलग निर्णयों के कारण अलग- अलग तरह की लाइफ जी रहे हों।

उदाहरण-

आइए इसे मैथमेटिक्स द्वारा समझते हैं हम देखते हैं कि अगर हम तीन अंकों वाली एक संख्या को अनेक बार अंकों के परिवर्तन के साथ लिखते हैं तो एक समय के पश्चात संख्या खुद को रिपीट करती है।

123 – 231 – 312 – 123 – 231 – 312- 123

इसी प्रकार अगर ये ब्रह्माण्ड अंत तक फैला है तो इस ब्रह्माण्ड में भी हर वस्तु एक निश्चित सीमा के बाद खुद को रिपीट करेगी और इस प्रकार हमारा पूरा दृश्य ब्रह्माण्ड खुद को रिपीट करेगा।

2.Bubble universes

मल्टिवर्स सिद्धांत का समर्थन करने वाले इस सिद्धांत को जन्म दिया eternal inflation theory ने । Inflation एक धारणा है कि बड़े धमाके ( बिग – बैंग ) के बाद ब्रह्माण्ड का विस्तार तेजी से हुआ और वह वास्तव में गुब्बारे की तरह फ़ैल रहा था। Eternal inflation theory को सबसे पहले tufts यूनिवर्सिटी के ब्रह्माण्ड विज्ञानी अलेक्जेंडर विलेन्किन द्वारा प्रस्तावित किया गया है, उनके अनुसार ब्रह्माण्ड के कुछ क्षेत्रों का विस्तार रुका हुआ है जबकि कुछ क्षेत्र फैलते जा रहे हैं और इस प्रकार अनेकों अलग – थलक “bubble universes” को जन्म हो रहा हैं। और इस प्रकार हमारा अपना ब्रह्माण्ड , जहां eternal inflation समाप्त हो रही है और जहां तारों और आकाशगंगाओं का निर्माण हो रहा है, अंतरिक्ष के विशाल समुद्र में एक छोटा सा बुलबुला है,जिनमें से कुछ अभी भी बढ़ रहे हैं। जिसमें हमारे ब्रह्माण्ड जैसे अनेकों ब्रह्माण्ड निहित हैं। इन ब्रह्माण्डो में से कुछ में भौतिक विज्ञान के नियम तथा मूलभूत स्थिरांक हमारे नियमों से भिन्न हो सकते हैं, जिससे ये हमारे ब्रह्माण्ड से अलग होगें। अत: इस सिद्धांत के अनुसार मल्टिवर्स होने की पूरी संभावना है।

3. Parallel universes

मल्टिवर्स सिद्धांत का समर्थन करने वाले इस सिद्धांत को जन्म दिया string theory ने । String theory की अविधारणा समानांतर ब्रह्माण्ड के सिद्धांत को जन्म देती है ये ब्रह्माण्ड हमारी पहुंच से बहार हैं । इस सिद्धांत का प्रतिपादन Steinhardt Neil Turok ने किया था। इन वैज्ञानिकों का मानना है कि चार आयाम जिन्हें हम जानते हैं ( स्पेस के तीन और समय का एक आयाम) की अतरिक्त अन्य आयामों का वजूद भी सम्भव है। और इन आयामों में हमारे ब्रह्माण्ड की तरह अनेकों ब्रह्माण्डो के अस्तिव के वजूद की संभावना है । परंतु हम इन्हें नहीं देख सकते क्योंकि ये दूसरे आयामों में स्थित हैं। इन ब्रह्माण्डो में हमारे ब्रह्माण्ड की हर वस्तु का प्रतिरूप मौजूद है , हमारे ही ग्रह की तरह ग्रह ,यहां तक कि हमारे प्रतिरूप तक मौजूद हो सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इन समानांतर ब्रह्माण्डो में हमारे जीवन की हर संभव घटना घटित हो रही होगी।

4. Daughter universes

यह सिद्धांत क्वांटम यांत्रिकी के विश्लेषण के फलस्वरूप प्राप्त होता है जिससे एक और तरीका का जन्म होता है जिससे कई ब्रह्माण्डो के अस्तिवत की कल्पना की जा सकती है। क्वांटम यांत्रिकी निश्चित परिणामों के बजाय संभावनाओं के संदर्भ में दुनिया का वर्णन करता है। और इस सिद्धांत का गणित सुझाव दे सकता है कि किसी स्थिति के सभी संभावित परिणाम – अपने स्वयं के अलग ब्रह्मांडों में होते हैं।

उदाहरण-

यदि आप एक चौराहे पर पहुँचते हैं जहाँ आप दाएँ या बाएँ जा सकते हैं, तो वर्तमान ब्रह्मांड दो daughter universes को जन्म देता है जिनमें एक ब्रह्माण्ड में आप दाएं जाते हैं और दूसरे ब्रह्माण्ड में बाएं इस प्रकार आपके प्रत्येक निर्णय के साथ एक नए ब्रह्माण्ड का जन्म होता जाता है।

5. Mathematical universes

एक अन्य संभावित तरीका गणितीय ब्रह्मांडों की खोज कर रहा है, जो कि सीधे तौर पर बताते हैं कि गणित की संरचना इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस ब्रह्मांड में रहते हैं। गणितीय संरचना एक ऐसी चीज है जिसका वर्णन आप इस तरह से कर सकते हैं कि यह पूरी तरह से मानव की क्रियाओं से स्वतंत्र है, ” Massachusetts Institute of Technology के सिद्धांत-प्रस्तावक मैक्स टेगमार्क ने कहा, जैसा कि 2012 के लेख में उद्धृत किया गया है।” मुझे वास्तव में विश्वास है कि कोई अन्य ब्रह्मांड का वजूद है। जो हमारे वजूद से स्वतन्त्र है और उसका वजूद हमेशा रहेगा चाहे हम मनुष्यों का वजूद रहे या न रहे।

प्राचीन ग्रंथ में अनेकों ब्रह्माण्ड ( मल्टिवर्स ) के अस्तित्व का प्रमाण

योगवशिष्ट में एक घटना का वर्णन आता है जो अनेकों ब्रह्माण्डो के अस्तित्व पर प्रकाश डालती है।
किसी समय आर्यावर्त क्षेत्र में पद्य नाम का राजा राज्य करता था जिसकी एक पतिव्रता पत्नी लीला थी जो पद्य से बहुत प्यार करती थी। लीला जब भी अपने पति की मृत्यु के बारे में सोचती तो शोकाकुल हो उठती । अंत में लीला ने मां सरस्वती की उपासना की और वरदान प्राप्त किया कि यदि उसके पति की मृत्यु उससे पहले हो जाए तो उनकी अन्तर्चेतना महल में ही रहे , मां सरस्वती ने यह भी आशीर्वाद दिया कि जब तुम चाहो अपने पति से मिल भी सकोगी।
दुर्भाग्य से कुछ समय पश्चात पद्य का देहांत हो गया , लीला ने उनका शरीर महल में ही सुरक्षित रखा और मां सरस्वती का ध्यान किया। मां सरस्वती ने प्रकट होकर कहा – हे ! भद्र शोक करो तुम्हारे पति इस समय यही है परन्तु वे दूसरे सृष्टि में हैं उनसे मिलने के लिए तुम्हें उसी सृष्टि वाले शरीर में जाना होगा।
लीला ने अपना मन एकाग्र किया और उस सृष्टि में प्रवेश किया। लीला ने कुछ क्षण ठहरकर जो दृश्य देखा , उसे देखकर वह बड़ी आश्चर्य चकित हुई क्योंकि उस सृष्टि में महाराज पद्य अभी मात्र 16 वर्ष के नवयुवक थे और एक विस्तृत क्षेत्र में राज्य कर रहे हैं।
उस समय भगवती सरस्वती भी उनके साथ थी , उन्होंने समझाया पुत्री जिस प्रकार केले के तने के अंदर एक के बाद एक परते निकलती जाती हैं वैसे ही सृष्टियों का क्रम है। अपने कथन कि पुष्टि के लिए भगवती सरस्वती लीला को एक और सूक्ष्म सृष्टि में ले गई , जिसमें उनके पति एक ब्राह्मण थे और वो उनकी पत्नी , वहां भी उनके पति की मृत्यु हो चुकी थी और वो कुटिया में रखे शव पर विलाप कर रहीं थी और लीला को उस सृष्टि की सारी स्मृतियां भी याद आ गई कि उस सृष्टि में उनका नाम अरुंधती था। उसी समय एक राजा की सवारी निकली और उन्हें राजसी भोग भोगने की इच्छा हुई , उसी सांसारिक इच्छा के फलस्वरूप उसने लीला का शरीर प्राप्त किया और राजा पद्य को प्राप्त हुई। इसी समय भगवती सरस्वती की प्रेरणा से राजा पद्य ( वहां की सृष्टि के अनुसार) को अंत समय में फिर से पद्य के रूप में राज भोगने की इच्छा जाग उठी , लीला को उसी समय पूर्ववर्ती भोग की इच्छा से प्रेरित किया जिसके फस्वरूप वह भी अपने व्यक्ति शरीर में वापस आ गई और पद्य भी अपने शव में प्रविष्ट हो जी उठे और फिर कुछ सालो राज भोग भोग कर अंत में पुन: मृत्यु को प्राप्त हुए। तो क्या आज के आधुनिक विज्ञान में उठ रही अनेकों ब्रह्माण्डो की अभिधारणा सही है? इस प्रश्न का जवाब तो भविष्य में विज्ञान की उन्नति के साथ ही मिलेगा।

मल्टिवर्स ब्रह्माण्डो से आए लोगों के अनुभव

दूसरी दुनिया या अन्य ब्रह्माण्डो के अस्तित्व के बारे में कोई ठोस प्रमाण तो नहीं है परन्तु वैज्ञानिक मानते हैं कि मैथमेटिक्स से ही ब्रह्माण्ड को एक्सप्लेन किया जा सकता है और मैथमेटिकल कैलकुलेशन के आधार पर अन्य ब्रह्माण्डो या मल्टाइवर्स के अस्तित्व से इंकार नहीं किया जा सकता है। और समय – समय पर ऐसी अनेकों घटनाएं सामने आती रहती हैं जिससे समानांतर या अन्य ब्रह्माण्ड के अस्तित्व का एहसास होता है। इसी ही कुछ घटनाएं निम्न हैं जिनमें लोगों ने अन्य किसी ब्रह्माण्ड या समानांतर ब्रह्माण्ड में जाने का अनुभव किया है।

1.लैनिया बैसनिया का अनुभव

लैनिया बैरसिया एक सामान्य सुबह की तरह उस दिन भी जागी, परंतु उसने एक अजीब बात नोटिस की कि उसके आस पास के कुछ समान , वस्तुएं बदल चुकी थीं जैसे उसकी चादर , जो उसने सोते समय समय ओडी थी वो नहीं थी टेबिल पर रखा सामान भी बदल चुका था। लैनिया ने इस बाद को नजर अंदाज किया और अपने बॉफ्रेंड को कॉल लगाने के लिए फोन उठाया ।जो से कहीं चला गया था परंतु उसके मोबाइल से उसके बॉयफ्रेंड का नंबर गायब था। उसने घबराकर अपने दोस्तों से उसके बारे में पूछा परंतु उन्हें भी इस बारे में कोई पता नहीं था।
जिसके बाद उसने पुलिस स्टेशन जाकर अपने बॉफ्रेंड के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और वह हैरान हो गई जब उस पता चला इस नाम का कोई व्यक्ति तो रिकार्ड में है ही नहीं। इसके बाद साइकेट्रिक ने उसे कहा कि तुम मानसिक तनाव की वजह से पागल हो गई हो। परंतु लैनिया ने इस बात से इंकार करते हुए कहा कि वो बिल्कुल ठीक है बाद में उसने ये बात आपने घरवालों को बताई , उन्होंने भी कहा कि वे ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं जानते , बाद में लैनिया ने अपनी बहन की ऑपरेशन के बारे में पूछा तो उसे पता चला कि ऐसा कोई ऑपरेशन कभी हुआ ही नहीं था।
जब वह अपने ऑफिस पहुंची तो वहां भी कम्पनी थी जिसमें वो काम करती थी परंतु कम्पनी का पूरा स्टाफ बदल चुका था, यह देखकर वह बहुत घबरा रही थी। उस कंपनी के सुप्रवायार “जिसे उसने पहले कभी नहीं देखा था” उससे कहा कि वह शायद बीमार है और उसे आराम की जरूरत है। जिसके बाद लैनिया को लोगो ने मानसिक रोगी घोषित कर दिया परन्तु लैनिया का मानना है कि को दूसरे ब्रह्माण्ड में आ चुकी है जहां की दुनिया उसकी दुनिया से थोड़ी अलग है।

2. टौरेड के निवासी का अनुभव

यह घटना सन 1954 की है जब टोक्यो एयरपोर्ट के काउंटर पर एक इंसान ने अपना पासपोर्ट दिखाया जिसे देखते ही कस्टम ऑफिसर हैरान रह गए क्योंकि वह पासपोर्ट जिस देश का था ऐसे किसी देश का नाम उन्होंने आज तक नहीं सुना था। जिससे कस्टम ऑफिसर को उस पर शक हुआ और उन्होंने उस व्यक्ति से पूछताछ शुरू कर दी। पूछ – ताछ में उस व्यक्ति ने बताया कि वह टौरेड देश से आया है और वह बिज़नस के सिलसिले में पहले अनेकों बार इसी पासपोर्ट से जापान आ चुका है उस व्यक्ति ने उस कम्पनी का अपॉइंटमेंट लेटर भी दिखाया जिसमें उसका अपॉइंटमेंट फिक्स था और उस होटल के रूम बुकिंग की स्लिप भी जहां उसे रुकना था। परंतु जब पुलिस ने कम्पनी और होटल में जानकारी की तो ऐसा कोई अपॉइंटमेंट और न ही उस नाम से कोई रूम बुक किया गया था। ऑफिसर ने एक वर्ड माप उसके सामने रखा और अपने देख को दर्शाने के लिए कहा । उसने फ्रांस और स्पेन के बीच स्थित एंडोरा नाम के देश पर उंगली रखते हुए कहा कि ये माप गलत है यहां पर उसका देश टौरेड होना चाहिए। उन ऑफिसर के साथ वह व्यक्ति भी बहुत कनफ्यूज दिखाई दे रखा था। अगले दिन की पूछताछ के लिए उसे एक होटल के दसवीं मंजिल पर रखा गया जिसके गेट के बहार गार्ड रखे गए जिससे वो व्यक्ति भाग न सके उसका पासपोर्ट , ड्राइवरी लायसन्स एयरपोर्ट पर ही जप्त कर लिए गए तो बिल्कुल असली प्रतीत हो रहे थे। जब अगली सुबह ऑफिसर उसके रूम में पहुंचे तो रूम खाली था हैरानी की बात तो यह है कि वह रूम दसवीं मंजिल पर था जिससे खिड़की से भागना सम्भव था और गेट पर रात भर गर्ड लगे थे। जब एयरपोर्ट पर उसका सामान देखा तो वो भी गायब था। कुछ लोग मानते हैं कि को समानांतर ब्रह्माण्ड का निवासी था हो जो गलती से इस ब्रह्माण्ड में आ गया था।

3. दूसरे ब्रह्माण्ड से आए भाई – बहन

ये घटना इंग्लैंड की है खेत में काम करते किसानों ने खेत में घूमते दो बच्चों को देखा , जिन्हें देखकर सब हैरान हो गए क्योंकि उनके त्वचा का रंग गहरा हरा था। किसानों को देखकर बच्चे भागने लगे। किसान उन्हें पकड़कर गांव ले गए और उनसे उनका पता और परिचय पूछा। बच्चों ने बताया कि वे भाई – बहन दूसरी दुनियां के हैं और गलती से यहां फस गए हैं और उन्होंने वापस लौटने के अनेकों प्रयास किए परंतु वे वापस जाने में असफल रहे और थक कर खेतों में बैठ गए। उन्होंने बताया कि एक दिन वे दोनों एक मैदान में भेड़ चरा रहे थे कि अचानक पास की एक गुफा से मधुर गीत की ध्वनि सुनाई दी और उस ध्वनि का पीछा करते – करते हम उस गुफा में चले गए और यहां पहुंच गए , हमने बहुत कोशिश की परन्तु उस गुफा का सिरा यहां हमें नहीं मिला। और फिर वे दोनों उसी गांव में रहने लगे और धीरे- धीरे उनका रंग भी इंसानों जैसा हो गया कुछ सालों बाद वह लड़का बीमार हो गया और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई और उस लड़की का विवाह इंग्लैंड के ही एक सम्राट से हो गया। ये सबसे प्राचीन घटना मानी जाती है जो अनेकों ब्रह्माण्डो ( मल्टिवर्स) के अस्तित्व का अनुभव करती है।

पूर्वाभास का समानांतर ब्रह्माण्ड से सम्बन्ध

पूर्वाभास का आभास लगभग हर व्यक्ति अपने जीवन में करता है। जैसे आपने अनेकों बार महसूस किया होगा जब आप किसी काम को प्रारंभ करते हैं तो कभी – कभी आपको महसूस होता है कि आप वह काम पहले भी कर चूके हैं जबकि वास्तव में आप वह काम पहली बार ही कर रहे होते हैं और जब आप किसी न्यू प्लेस पर जाते हैं तो आपको कभी – कभी महसूस होता कि शायद आप पहले भी वहां आ चुके हैं जबकि वास्तव में आप उस स्थान पर पहली बार ही आए होते हैं। और ऐसे अनेकों पूर्वाभास का अनुभव हम अपने जीवन में करते हैं। तो इन पूर्वाभास के पीछे का रहस्य क्या है कुछ लोगों की मानें तो ये रहस्य समानांतर ब्रह्माण्ड से जुड़ा हुआ है ऐसे ब्रह्माण्ड जिसमें सबकुछ हमारे ब्रह्माण्ड की तरह ही है यहां तक की हम और आप भी। विशेषज्ञों की माने तो उस समानांतर ब्रह्माण्ड में आप उस काम को पहले ही कर चुके होते हैं जिसे यहां आप करना प्रारंभ करते हैं समानांतर ब्रह्माण्ड की कुछ स्मृतियां कभी – कभी हमारे मस्तिष्क में आ जाती हैं जिससे हमें लगता है कि वह कार्य हम पहले ही कर चुके हैं या उस जगह हम पहले ही जा चुके हैं। इन बातों के कोई प्रत्यक्ष प्रमाण तो नहीं हैं परंतु समानांतर ब्रह्माण्ड के द्वारा इसकी अनुकूल व्याख्या होती है जिस कारण लोग इसमें विश्वास करते हैं।

सपनों का समानांतर ब्रह्माण्ड से सम्बन्ध

कुछ लोग मानते हैं सोने के दौरान आने वाले सपनों का कारण भी समानांतर ब्रह्माण्ड में घट रही घटनाएं होती हैं। लगभग हर व्यक्ति को सपने आते हैं जिनमें कुछ डरावने तो कुछ अच्छे सपने होते हैं। कुछ लोग मानते हैं कि जो घटनाए हम अपने सपनों में देखते हैं वे घटनाएं किसी न किसी समानांतर ब्रह्माण्ड में मौजूद हमारे प्रतिरूप के साथ घट रही होती हैं। सोने के दौरान कुछ स्मृतियों का आदान – प्रदान हो जाता है और हमें वह घटना हमें सपने में बिल्कुल हकीकत की तरह महसूस होती है। इन बातों के कोई प्रत्यक्ष प्रमाण तो नहीं हैं परंतु समानांतर ब्रह्माण्ड के द्वारा इसकी अनुकूल व्याख्या होती है जिस कारण लोग इसमें विश्वास करते हैं।

निष्कर्ष –

मल्टिवर्स के सिद्धांत पर लोगों के अलग – अलग मत हैं कुछ लोग इस सिद्धांत पर विश्वास करते हैं तो कुछ लोग ऐसे कल्पना मात्र बताते हैं परंतु विज्ञान के क्षेत्र में लगातार विकास होता जा रहा है जिससे नित्य नए – नए सिद्धांत प्रतिपादित होते जा रहे हैं। और विज्ञान धीरे – धीरे ब्रह्माण्डो के रहस्यों से पर्दा उठाया जा रहा है। मल्टिवर्स होने का प्रमाण प्राचीन ग्रंथ में भी मिलता है। जिससे ज्यादातर लोगों का यही मानना है कि अनेकों ब्रह्माण्डो का अस्तित्व सम्भव है।

मल्टिवर्स के सिद्धांत को लेकर आपका क्या मत है ,क्या हमारे ब्रह्माण्ड के अलावा किसी और ब्रह्माण्ड का अस्तित्व सम्भव है? क्या समानांतर ब्रह्माण्ड का कोई अस्तित्व वास्तव में हो सकता है जिसमें हमारे प्रतिरूप भी मौजूद हो। अपने विचार कॉमेंट के द्वारा हम तक जरूर पहुंचाए।

Thanks for reading our artical, I hope you will give me another chance to discuss new mystry.

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1.समय यात्रा- क्या past और future में जाना सम्भव है?

2. एलियंस/परग्रही – क्या इस ब्रह्माण्ड में किसी और ग्रह पर भी जीवन सम्भव है?

3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है?

4. बिग बैंग सिद्धांत – ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति कैसे हुई ?

5 . ब्रह्माण्ड कितना विशाल है जानिए ब्रह्माण्ड का विस्तार।

6. आकाशगंगा किसे कहते हैं जानिए विस्तार में।

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