ब्रह्माण्ड का विस्तार

हैलो! दोस्तों मेरा नाम राघवेन्द्र है और आप पढ़ रहे हैं “Mysterious universe”.

हम लोग प्रथ्वी पर जन्म लेते हैं अपनी सारी जिंदगी यहीं व्यतीत करते हैं और अंत में यहीं मर जाते हैं। हमारा हर सपना , हर वो व्यक्ति जिसे आप प्यार करते हैं , जिसे आप नफरत करते हैं सब इसी ग्रह पर मौजूद होता है। इन बातों से हमें प्रथ्वी की विशालता का अनुभव होता है कि हमारी प्रथ्वी कितनी विशाल है ? परंतु जब आप ब्रह्माण्ड की विशालता के बारे में जानेंगे तो आपको प्रथ्वी ब्रह्माण्ड की तुलना में एक धूल के कण के समान ही प्रतीत होगी। ब्रह्माण्ड की विशालता का अनुभव करने के लिए हम इसे क्रमबद्ध तरीके से जानेंगे।

1 . ग्रह – प्रथ्वी

हमारे ग्रह प्रथ्वी का निर्माण लगभग 4.543 बिलियन वर्ष पहले हुआ था। हमारे प्रथ्वी का द्रव्यमान लगभग 5.9722×1024 किलोग्राम है, हमारे ग्रह का व्यास 12,742 किलोमीटर है। पृथ्वी हमारे सौर मंडल के तारे सूर्य से 14.70 से 15.21 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर अपने अक्ष पर दीर्घवृत्ताकार पथ पर गतिमान है। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा 29.72 किलोमीटर /सेकेंड की गति से करती है तथा इसे एक चक्कर पूरा करने में 365 दिन , 5 घंटे , 48 मिनट तथा 46 सेकेंड लगते हैं। इस ग्रह का प्राकृतिक उपग्रह चन्द्रमा है। पृथ्वी के 71% भाग पर जल तथा 29 % भाग स्थलीय है। जल की अधिकता होने के कारण पृथ्वी अन्तरिक्ष से नीली दिखाई देती है। इसके बाद आता है सौर मंडल जिसमें हमारी प्रथ्वी के साथ – 2 सात और ग्रह अपनी कक्षा में गतिमान हैं।

2. सौर मंडल

हमारे सौर मंडल का निर्माण लगभग 4.568 बिलियन वर्ष पहले हुआ था। हमारे सौरमंडल का द्रव्यमान लगभग 1.0014 सौर द्रव्यमान है। हमारे सौर मण्डल का व्यास लगभग 287.46 बिलियन किलोमीटर है। हमारे सौर मण्डल में एक तारा सूर्य , प्रथ्वी समेत आठ ग्रह , 525 ज्ञात प्राकृतिक उपग्रह ,778897 ज्ञात हीन ग्रह, 4017 धूम्रकेतु मौजूद हैं। हमारा सौर मंडल हमारी आकाशगंगा milkywey में गलैक्टिक केंद्र से 27,000±1,000 प्रकाश वर्ष दूर औरायन सिग्नस आर्म में गतिमान है।

3. आकाशगंगा – milkyway

हमारी आकाशगंगा milkywey का निर्माण लगभग 13.51 बिलियन वर्ष पहले हुआ था। हमारे आकाशगंगा का द्रव्यमान लगभग हमारे सूर्य के द्रव्यमान का 1.5 ट्रिलियन गुना है। हमारी आकाशगंगा का व्यास लगभग 105700 प्रकाश वर्ष है। हमारी आकाशगंगा एक स्पिराल आकाशगंगा है जिसमें हमारे सौरमंडल के तारे सूर्य समेत 100 से 400 बिलियन तारे ,1,00,000,000,000 ग्रह मौजूद हैं। हमारी आकाशगंगा लगभग 600 किलोमीटर/सेकेंड के वेग से गतिमान है। हमारी आकाशगंगा के केंद्र में स्थित Sagittarius A star एक सुपर मैसिव ब्लैक होल है। इस ब्लाक होल की दूरी हमारे सौर मण्डल से 26 हजार प्रकाश वर्ष है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस ब्लैक होल का व्यास 4 लाख 40 हजार किलोमीटर है। हमारी आकाशगंगा की लगभग 50 उपग्रह आकाशगंगाये मौजूद हैं जो हमारी आकाशगंगा की परिक्रमा करती रहतीं हैं। इसके बाद आता है लोकल ग्रुप ऑफ गैलक्सी , जिसमें हमारी आकाशगंगा milkeyway मौजूद है।

4. लोकल ग्रुप ऑफ गलैक्सीज

लोकल ग्रुप ऑफ गलैक्सीज़ , आकाशगंगाओं का एक समूह है जिसमें हमारी आकाशगंगा milkeyway समेत लगभग 30 आकाशगंगा मौजूद हैं। लोकल ग्रुप ऑफ गालैक्सीज लगभग 10 मिलियन प्रकाश वर्ष में फैला हुआ है। लोकल ग्रुप ऑफ गालैक्सीज़ में लगभग 50 बिलियन तारे मौजूद हैं। लोकल ग्रुप ऑफ गलैक्सिज के दो बड़े सदस्य एंड्रोमेडा गैलेक्सी और मिल्की वे गैलक्सी हैं ये दोनों सर्पिल आकाशगंगाएँ हैं जिनमें लगभग 1012 सौर द्रव्यमान हैं, और इन दोनों की अपनी उपग्रह आकाशगंगाओं की एक प्रणाली है।

एंड्रोमेडा गैलेक्सी के उपग्रह प्रणाली में मेसियर 32 (M32), मेसियर 110 (M110), NGC 147, NGC 185, एंड्रोमेडा I (और I), और II, और III, और V, और VI (जिसे पेगासस ड्वार्फ स्फेरोइडल भी कहा जाता है। गैलेक्सी, या पेगासस डीएसएफ), और VII (जिसे कैसिओपिया ड्वार्फ गैलेक्सी के नाम से भी जाना जाता है), और VIII, और IX, और XI, और XI, और XIX, और XXI और XXII, और अन्य अतिरिक्त अति-धूमिल बौना गोलाकार आकाशगंगा भी समिल हैं।

5. वर्गो क्लस्टर

वर्गो क्लस्टर , लोकल ग्रुप ऑफ गलैक्सिस का एक समूह है, जिसमें लगभग 1200 से अधिक आकाशगंगा मौजूद हैं जो सभी परस्पर गुरुत्वाकर्षण द्वारा एक साथ जुड़ी हुई हैं। खगोलविदों का अनुमान है कि इसमें सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 1.2 क्विंटल कुल द्रव्यमान है। यह 15 मिलियन प्रकाश-वर्ष के व्यास के साथ अंतरिक्ष की कुल मात्रा को कवर करता है।

जैसे कि इसका नाम है, वर्गो क्लस्टर में आकाशगंगा ज्यादातर वर्गो के तारामंडल में स्थित है, और क्लस्टर के सबसे बड़े सदस्यों में से एक विशाल अण्डाकार आकाशगंगा मेसियर 87 है और माना जाता है कि इसका द्रव्यमान लगभग 2.7 मिलियन सौर द्रव्यमान है।

6. वर्गो सुपर क्लस्टर

वर्गो सुपर क्लस्टर , वर्गो क्लस्टर का एक समूह है , जिसमें दस लाख से ज्यादा आकाशगंगा मौजूद हैं। यह सुपर क्लस्टर भी वर्गो के तारामंडल में मौजूद है और लगभग 110 मिलियन प्रकाश वर्ष में फैला हुआ है।

ब्रह्मांड में सुपरक्लस्टर्स सबसे बड़ी संरचनाएं हैं, और पूरे ब्रह्मांड में उनकी संख्या लाखों में होने की संका है। सबसे बड़े पैमानों से, इन सुपरक्लस्टर्स को लंबे फिलामेंट्स में फैला दिया जाता है, जिसमें उनके बीच में बड़े पैमाने पर रिक्त स्थान होते हैं। सबसे लंबी दूरी से, वे फोम बुलबुले की तरह दिखते हैं।

7. लेनिके सुपर क्लस्टर

लेनीके सुपर क्लस्टर , वर्गो सुपर क्लस्टर, और लोकल ग्रुप ऑफ गालैक्सिज का एक समूह है जिसमें एक लाख से ज्यादा आकाशगंगा मौजूद हैं। लेनीके सुपर क्लस्टर लगभग 500 मिलियन प्रकाश वर्ष में फैला हुआ है। इसका द्रव्यमान प्रथ्वी के द्रव्यमान का एक लाख गुना और सूर्य के द्रव्यमान का 1017 गुुुना है।

सुपरक्लस्टर्स ब्रह्मांड की सबसे विशाल संरचनाएं हैं और जिसकी सीमाओं को परिभाषित करना कठिन है। अनुसंधान दल ने रेडियो दूरबीनों का उपयोग करते हुए सबसे अधिक स्थानीय आकाशगंगाओं की गतियों का मानचित्रण किया है। एक सुपरक्लस्टर के भीतर, अधिकांश आकाशगंगा बड़े पैमाने पर केंद्र की ओर गतिमान हैं। इसे लेनीके के मामले में विशाल आकर्षित करने वाला कहा जाता है, और यह milkyway सहित सभी स्थानीय आकाशगंगाओं को प्रभावित करता है।

8. दृश्य ब्रह्माण्ड

लेनिके सुपर क्लस्टर के समूह को कहते हैं दृश्य ब्रह्माण्ड जो ब्रह्मांड का एक गोलाकार क्षेत्र है जिसमें वे सभी पदार्थ शामिल हैं जो वर्तमान समय में पृथ्वी या इसके अंतरिक्ष-आधारित दूरबीनों और खोजपूर्ण जांच से देखे जा सकते हैं, क्योंकि इन पदार्थों से आने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडियेशन के पास प्रथ्वी तक पहुंचने का समय होता है।

दृश्य ब्रह्मांड में कम से कम 2 ट्रिलियन आकाशगंगाएँ हैं। दृश्य ब्रह्माण्ड का व्यास लगभग 93,016 बिलियन प्रकाश वर्ष माना जाता है। दृश्य ब्रह्माण्ड का द्रव्यमान लगभग 4.5 x 10 51 किलोग्राम है। ब्रह्मांड को आइसोट्रोपिक मानते हुए, दृश्य ब्रह्मांड के किनारे की दूरी लगभग हर दिशा में समान है। अर्थात्, दृश्य ब्रह्मांड में एक गोलाकार आयतन (एक गेंद) है जो पर्यवेक्षक पर केंद्रित है। ब्रह्मांड के प्रत्येक स्थान का अपना एक दृश्य ब्रह्मांड है, जो पृथ्वी पर केंद्रित एक के साथ ओवरलैप हो सकता है या नहीं भी हो सकता है जो पृथ्वी पर केंद्रित एक के साथ ओवरलैप हो भी सकता है और नहीं भी।

9. ब्रह्माण्ड

दृश्य ब्रह्माण्ड हमारे सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का केवल वही भाग है जहां से रेडियेशन हमारे ग्रह तक पहुंच सकता है। सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की विशालता की कल्पना करना भी कठिन है। वैज्ञानिक मानते हैं कि लगभग 13.8 मिलियन वर्ष पहले बिग बैंग की घटना के फलस्वरूप हमारे ब्रह्माण्ड का जन्म हुआ और हमारा ब्रह्माण्ड तब से फैलता ही जा रहा है। हमारे ब्रह्माण्ड में अरबी की संख्या में आकाशगंगा , अनगिनत तारे और ग्रह मौजूद होने की संभावना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हमारा ब्रह्माण्ड या तो अनन्त है या ये इतना विशाल की हम कभी इसकी विशालता का अनुमान भी नहीं लगा सकते।

निष्कर्ष

अब आपको समझ में आ ही गया होगा कि हमारा ब्रह्माण्ड कितना विशाल है हमारे ब्रह्माण्ड की तुलना में हमारी प्रथ्वी एक धूल के कण के समान भी नहीं है। हाल ही में नासा द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए मानव रहित यान वियसेर – 1, से हमारे प्रथ्वी की एक तस्वीर ली गई जिसमें हमारा ग्रह सूर्य के प्रकाश में एक धूल मात्र का कण लग रहा है। हमारे ग्रह की ये तस्वीर इस ब्रह्माण्ड में हमारे अस्तित्व को स्पश्ट करती है। इस तस्वीर को देखकर वैज्ञानिक भी भावुक हो गए , वैज्ञानिकों का कहना है कि इस ब्रह्माण्ड में हमारे ग्रह का अस्तित्व एक धूल के कण जितना ही है अगर हमारे ऊपर कोई संकट आता है तो हम इस ब्रह्माण्ड में अकेले नजर अटी है पास में ऐसा कोई नहीं जो हमारी मदद कर सके इसीलिए हमें मिलजुलकर रहना होगा और इस विशाल ब्रह्माण्ड में अपने ग्रह के अस्तित्व को बचाए रखना होगा।

तो आपको क्या लगता है कि ये ब्रह्माण्ड कितना विशाल है ? क्या इसकी कोई सीमा भी है या ये अनन्त तक फैला हुआ है कॉमेंट के द्वारा अपने विचार जरूर रखें।

Thanks for reading our artical, I hope you will give me another chance to discuss new mystry.

OUR RESENT ARTICALS

1. समय यात्रा – क्या past और future में जाना सम्भव है ?

2. एलियन – क्या इस ब्रह्माण्ड में किसी और ग्रह पर भी जीवन है ?

3. समानांतर ब्रह्माण्ड – क्या हमारे ब्रह्माण्ड की तरह अन्य ब्रह्माण्डो का भी अस्तित्व सम्भव है जिनमें हम और आप भी हों ?

4. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – बुद्धिमान मशीन और रोबोट्स।

5. बिग बैंग – ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति कैसे हुई ?

6. आकाशगंगा किसे कहते हैं जानिए विस्तार में।

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